2026 में मूड डायरी ऐप कैसे चुनें

BrightLog हम ही बनाते हैं, इसलिए इसे निष्पक्ष समीक्षा नहीं, बनाने वालों की अपनी गाइड मानकर पढ़िए। यहाँ ऐप के प्रकारों और उनसे पूछने लायक़ सवालों की तुलना है, किसी दूसरे ऐप का नाम नहीं; और BrightLog की हर बात सितंबर 2026 में ऐप में जाँचकर लिखी गई है।

आख़िरी समीक्षा: 9 अक्टूबर 2026

इस गाइड के बारे में

BrightLog हम ही बनाते हैं, इसलिए यह निष्पक्ष समीक्षा नहीं, बनाने वालों की अपनी गाइड है — और यह बात हम पहली ही पंक्ति में कह रहे हैं। यहाँ मूड डायरी ऐप के प्रकारों की तुलना है — झटपट मूड ट्रैकर, लंबी डायरी वाले ऐप, सवालों से शुरुआत कराने वाले ऐप, आदत और स्ट्रीक ऐप, थेरेपी के तरीक़ों पर बने ऐप — ब्रांडों की नहीं। वजह यह है कि आप कौन-सा प्रकार चुनते हैं, यह आइकन पर लिखे नाम से ज़्यादा अहम है, और हर प्रकार के ऐप इतनी तेज़ी से बदलते हैं कि कोई भी सूची जल्दी पुरानी पड़ जाती है। हर प्रकार के बारे में आप पढ़ेंगे कि वह किस काम में अच्छा है, चुनने से पहले कौन-से सवाल पूछने चाहिए, और BrightLog उनका क्या जवाब देता है। किसी दूसरे ऐप के बारे में हम कुछ नहीं कहते, और BrightLog के बारे में भी सिर्फ़ वही, जो आप सितंबर 2026 के ऐप में ख़ुद जाँच सकते हैं।

संक्षेप में

मूड डायरी ऐप पाँच तरह के होते हैं, और हर तरह का ऐप शुरुआत की एक अलग वजह का जवाब है। झटपट मूड ट्रैकर दर्ज करना इतना आसान बना देते हैं कि सिलसिला चलता रहे। लंबी डायरी वाले ऐप पूरे दिन को लिखने की जगह देते हैं। सवालों से शुरुआत कराने वाले ऐप पहला सवाल ख़ुद सामने रख देते हैं। आदत और स्ट्रीक ऐप इरादों को रिंग और लगातार दिनों के सिलसिले में बदल देते हैं। थेरेपी के तरीक़ों पर बने ऐप अपना ढाँचा थेरेपी सत्र से लेते हैं। ज़्यादातर लोगों को इनमें से दो-तीन चीज़ें एक साथ चाहिए होती हैं, इसलिए सही तुलना यह नहीं कि “कौन-सा ऐप”, बल्कि यह कि “कौन-से सवाल”। नीचे की तालिका में हर प्रकार की ख़ूबी है, चुनने से पहले की जाँच है, और BrightLog की वे सुविधाएँ हैं जो उस जाँच का जवाब देती हैं।

ऐप का प्रकारकिसमें अच्छाचुनने से पहले जाँचिएBrightLog का जवाब
झटपट मूड ट्रैकरकुछ ही सेकंड में दर्जक्या आप “बुरा” से आगे कुछ कह सकते हैं? डिवाइस खो जाए, तो क्या रिकॉर्ड बचेगा?एक टैप; फिर चाहें तो 82 शब्दों वाला भावनाओं का पहिया, नोट, फ़ोटो या वॉइस नोट; पाँच चेहरों वाला विजेट
लंबी डायरी वाले ऐपपूरे दिन के लिए जगह, बरसों तकआपके शब्द कहाँ रहते हैं? खोज, लॉक और निर्यात है?फ़ोटो, वीडियो, वॉइस नोट, दस्तावेज़, बाद में जोड़े गए नोट, खोज, कैलेंडर, ऐप लॉक, PDF और CSV — आपके डिवाइस पर, और हम इसे कभी नहीं देखते
सवालों से शुरुआत कराने वाले ऐपपहला सवाल, ताकि ख़ाली पन्ना कभी न रोकेसवाल किसने लिखे? मुश्किल दिन पर क्या वे नरमी बरतते हैं?एक क़दम-दर-क़दम सहायक, जो पूछता है कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं; इंसानों के लिखे छोटे रिमाइंडर, बुरे दिन के बाद और कोमल, जिनका जवाब “हो गया”, “बाद में” या “आज नहीं”
आदत और स्ट्रीक ऐपरफ़्तार — रिंग, लगातार दिनों का सिलसिलाएक दिन छूटने का क्या हर्जाना है? क्या बीच में रुक सकते हैं? क्या प्रगति निजी रहती है?“आपका हफ़्ता”, “किससे आपका मन अच्छा होता है”, “लक्ष्यों से ब्रेक लें” — कुछ भी छूटा हुआ नहीं गिना जाता; हर महीने एक स्ट्रीक फ़्रीज़; 30 निजी बैज
थेरेपी के तरीक़ों पर बने ऐपथेरेपी सत्र जैसा ढाँचाक्या यह तरीक़ा मान्य है? आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस तक क्या पहुँचता है, और कब?किसी भी प्रविष्टि पर विचारों का रिकॉर्ड, सोच के 16 नुक़सानदेह तरीक़े, सात हिस्सों वाली थेरेपी सत्र की तैयारी PDF में — सिर्फ़ आपके कहने पर लिखी जाती है, और हम इसे कभी नहीं देखते

झटपट मूड ट्रैकर

झटपट मूड ट्रैकर बस एक सवाल पूछता है — आप कैसे हैं? — और जवाब में एक चेहरा, एक अंक या एक रंग काफ़ी है। स्क्रीन अनलॉक करने में जितना वक़्त लगता है, उतने में प्रविष्टि हो जाती है। दर्ज करना इतना आसान है कि सिलसिला भागदौड़ वाले हफ़्तों में, उदासी के हफ़्तों में, और उन हफ़्तों में भी चलता रहता है जब आपको ऐप की याद तक नहीं रहती; और कुछ महीनों बाद रंगों से भरा कैलेंडर वह दिखाता है जो कोई अकेला दिन नहीं दिखा सकता। अगर आपकी पिछली डायरी इसलिए छूट गई कि लिखना होमवर्क जैसा लगने लगा था, तो यही प्रकार आपके काम का है। देखने की बात बस यह है कि जब एक चेहरा काफ़ी न हो, तब क्या होता है।

पूछिए: जिस दिन ज़्यादा कहने को हो, क्या आप “बुरा” से आगे कुछ कह सकते हैं? क्या मूड के साथ नोट, फ़ोटो या आपकी आवाज़ जुड़ सकती है? बैकअप कहाँ जाता है? विजेट है, लॉक है, आपकी भाषा है?

BrightLog का जवाब: एक टैप — शानदार, अच्छा, पता नहीं, बुरा या बहुत बुरा, दिन में एक मूड — और चाहें तो बस इतना ही। फिर भावनाओं का पहिया: सात मूल भावनाएँ, इकतालीस उप-भावनाएँ, बयासी सटीक शब्द, ताकि “बुरा” की जगह “अपमानित” या “अलग-थलग” लिखा जा सके। नोट, फ़ोटो या वॉइस नोट जोड़ना आपकी मर्ज़ी है; “आज का मिज़ाज” विजेट पाँचों चेहरे आपकी होम स्क्रीन पर ले आता है। शुरू करने के लिए कोई खाता नहीं चाहिए।

लंबी डायरी वाले ऐप

लंबी डायरी वाला ऐप उन दिनों के लिए बना है जिन्हें पूरे-पूरे पैराग्राफ़ चाहिए। इसमें लिखने के लिए खुली जगह होती है, फ़ोटो जुड़ते हैं, और बरसों की प्रविष्टियाँ एक टाइमलाइन में रहती हैं, जिसमें आप पीछे तक स्क्रॉल कर सकते हैं। यही वह प्रकार है जिसमें पूरा पल समा जाता है — क्या हुआ, उसका आप पर क्या असर हुआ, बाद में आपने क्या ग़ौर किया — और जिसका संग्रह समय के साथ अनमोल हो जाता है, क्योंकि दस साल की डायरी एक पूरी ज़िंदगी की कहानी होती है। इसकी ख़ूबियाँ हैं खुली जगह, भरपूर सुविधाएँ और टिकाऊपन। जाँच भी इन्हीं से निकलती है: जिस डायरी में आप बरसों लिखेंगे, उसे हर मायने में आपकी होना चाहिए — इसलिए शुरू में ही पूछ लीजिए कि आपके शब्द कहाँ रहते हैं और उन्हें कौन पढ़ सकता है।

पूछिए: क्या इसमें फ़ोटो, वीडियो, ऑडियो और दस्तावेज़ जुड़ते हैं? क्या किसी प्रविष्टि में बाद में कुछ जोड़ सकते हैं? खोज, कैलेंडर और लॉक है? डायरी आपके डिवाइस पर रहती है या कंपनी के सर्वर पर? क्या आप उसे निर्यात कर सकते हैं?

BrightLog का जवाब: एक प्रविष्टि में लिखिए कि क्या हुआ और उसका आप पर क्या असर हुआ, साथ में फ़ोटो, वीडियो, वॉइस नोट और दस्तावेज़ — हर प्रविष्टि में बीस तक — और चाहें तो टाइप करने के बजाय बोलकर लिखिए। हफ़्तों बाद जोड़े गए नोट दिखाते हैं कि वक़्त के साथ कोई बात कैसी लगने लगी। खोज और कैलेंडर से सब कुछ हाथ में रहता है, ऐप लॉक उसे सुरक्षित रखता है, और पूरी डायरी PDF या CSV (स्प्रेडशीट में खुलने वाली तालिका) में निर्यात हो जाती है। बैकअप iPhone और iPad पर आपके अपने iCloud में और Android पर आपके अपने Google Drive में जाता है, जिस तक हमारी पहुँच नहीं है।

सवालों से शुरुआत कराने वाले ऐप

सवालों से शुरुआत कराने वाला ऐप आपको कभी ख़ाली पन्ने के सामने अकेला नहीं छोड़ता। वह एक सवाल से शुरू करता है — आज ऊर्जा कैसी है, आज क्या हुआ, आप किस बात के लिए आभारी हैं — और छोटे-छोटे क़दमों में तब तक साथ चलता है, जब तक प्रविष्टि तैयार न हो जाए। बहुत-से लोगों के लिए यही ढाँचा तय करता है कि डायरी चलेगी या डिलीट होगी: कहाँ से शुरू करना है, यह ऐप तय करता है, आपको बस जवाब देना है। इसकी ख़ूबी है आसान पहला क़दम और ऐसी लय, जिसमें लगता है कि कोई पूछ रहा है, हुक्म नहीं दे रहा। देखने की बात यह है कि मुश्किल दिनों में ये सवाल कैसा बर्ताव करते हैं, और इन्हें लिखा किसने है।

पूछिए: सवाल कौन लिखता है — इंसान या मशीन? बुरे दिन के बाद क्या वे बदलते हैं? क्या पहले जवाब के बाद रुक सकते हैं? क्या समय आप ख़ुद तय कर सकते हैं? क्या वे आपकी भाषा में लिखे गए हैं?

BrightLog का जवाब: जब आपको पता हो कि कैसा लग रहा है, पर उसके लिए सही शब्द न मिले, तो “मुझे लॉग करने में मदद करें” उस भावना के बारे में पूछता है — मूल भावना, फिर उप-भावना, फिर सटीक शब्द — और सही तरह की प्रविष्टि खोल देता है। छोटे रिमाइंडर अपना ख़याल रखने के छोटे-छोटे पल लाते हैं — पानी, थोड़ी स्ट्रेचिंग, एक मिनट बाहर — बीस तरह के, आपके चुने समय के भीतर दिन में एक से बारह तक, और हर एक का जवाब “हो गया”, “बाद में” या “आज नहीं”; बुरा मूड दर्ज होने के बाद उस दिन बस सबसे कोमल रिमाइंडर आते हैं। हर पंक्ति इंसानों ने लिखी है, सभी बीस भाषाओं में।

आदत और स्ट्रीक ऐप

आदत और स्ट्रीक ऐप इरादे को ऐसी चीज़ बना देता है जो दिखाई दे: भरती हुई रिंग, बढ़ता हुआ दिनों का सिलसिला। यह दिखना सचमुच हौसला देता है: चालीस दिन की स्ट्रीक हो, तो रात बारह बजने से दस मिनट पहले भी आप ऐप खोल ही लेते हैं। अगर आप पहले से जानते हैं कि आपको क्या ज़्यादा करना है और बस रफ़्तार चाहिए, तो यही प्रकार चुनिए। इसकी ख़ूबी है साफ़ तस्वीर और हौसला। देखने की बात यह है कि जब ज़िंदगी बीच में आ जाए, तब ऐप क्या करता है — और वह आएगी ही: कोई छुट्टी, कोई बीमारी, कोई ऐसा हफ़्ता जब लक्ष्य सबसे आख़िर में आता था। ऐसे हफ़्ते में ऐप आपके साथ कैसा बर्ताव करता है, असल में उसी से उसकी पहचान होती है।

पूछिए: एक दिन छूट जाए, तो क्या हर्जाना है? क्या आप बीच में रुक सकते हैं, बिना इसके कि वह आपके ख़िलाफ़ गिना जाए? स्ट्रीक निजी रहती है, या अजनबियों के साथ रैंकिंग में दिखती है? क्या ऐप यह जोड़कर दिखाता है कि आपने क्या किया और आपको कैसा लगा?

BrightLog का जवाब: “आपका हफ़्ता” हर लक्ष्य की एक रिंग दिखाता है, एक नज़र में बारह हफ़्ते, और इसका समीक्षा कार्ड कभी डाँटता नहीं: जिन कामों से आपका मूड नहीं सुधरा, उनकी बात सहज ढंग से होती है — एक पैटर्न की तरह, सबूत की तरह नहीं। “किससे आपका मन अच्छा होता है” बताता है कि कौन-सा काम आपको सबसे ज़्यादा अच्छा लगा और किससे सबसे ज़्यादा संतोष मिला। “लक्ष्यों से ब्रेक लें” सब कुछ एक दिन, तीन दिन, एक हफ़्ते या आपकी चुनी तारीख़ तक रोक देता है — “न कोई याद दिलाना, न कुछ छूटा हुआ गिना जाएगा।” रोज़ की स्ट्रीक में महीने का एक छूटा दिन स्ट्रीक फ़्रीज़ से सँभल जाता है, और स्ट्रीक दोबारा शुरू हो, तब भी आपका सबसे लंबा सिलसिला दर्ज रहता है।

थेरेपी के तरीक़ों पर बने ऐप

थेरेपी के तरीक़ों पर बना ऐप अपना ढाँचा थेरेपी सत्र से लेता है। “आप कैसा महसूस कर रहे हैं” के बजाय वह वही पूछता है जो कोई थेरेपिस्ट पूछेगा — मन में क्या ख़याल आया, उस ख़याल के पक्ष में क्या है, उसके ख़िलाफ़ क्या — और कुछ समय की प्रविष्टियों को ऐसे सार में समेट सकता है जिसे आप सत्र में ले जा सकें। ऐसा ऐप किसी विशेषज्ञ के साथ बिताए घंटे को ज़्यादा कारगर बनाता है, क्योंकि आप “महीना मुश्किल था” जैसे धुँधले एहसास के बजाय ठोस बातें लेकर पहुँचते हैं। यहाँ जाँच सबसे ज़रूरी है, क्योंकि ये आपके लिखे सबसे निजी शब्द होंगे, और कोई सार तभी काम का है जब वह साफ़ बताए कि वह असल में क्या है।

पूछिए: क्या यह कोई मान्य तरीक़ा है? क्या आप इसे अपने थेरेपिस्ट को दे सकते हैं? क्या ऐप साफ़ कहता है कि यह निदान नहीं है? आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस तक क्या पहुँचता है, और क्या बाक़ी ऐप उसके बिना भी चलता है?

BrightLog का जवाब: किसी भी प्रविष्टि के साथ विचारों का रिकॉर्ड जोड़ा जा सकता है — विचार, उसके पक्ष के तथ्य, उसके ख़िलाफ़ के तथ्य, और अब वह बात कैसी लगती है — और ऐप के भीतर की मदद सोच के 16 नुक़सानदेह तरीक़ों को समझाती है। “अपने थेरेपी सत्र की तैयारी करें” 60 दिन तक की किसी भी अवधि से सात हिस्सों वाली तैयारी बना देता है, लक्ष्यों और आदतों समेत, PDF या कॉपी किए टेक्स्ट के रूप में, और पन्ने पर साफ़ लिखा रहता है: “ये AI द्वारा आपकी प्रविष्टियों और लक्ष्यों के आधार पर सुझाए गए पैटर्न हैं, कोई नैदानिक निदान नहीं।” बाक़ी सब कुछ साइन इन के बिना चलता है। “विशेषज्ञ” टैब आपके आस-पास के पेशेवरों की सूची दिखाता है, सबसे नज़दीकी सबसे पहले।

BrightLog में क्या-क्या है

BrightLog में ये पाँचों प्रकार एक ही ऐप में हैं — मुफ़्त, बिना किसी इन-ऐप ख़रीद के। मूड दर्ज करना एक टैप का काम है; डायरी में पूरा दिन समा जाता है; जब राह दिखाने वाला चाहिए, तो एक क़दम-दर-क़दम सहायक और छोटे रिमाइंडर साथ देते हैं; लक्ष्य और स्ट्रीक रफ़्तार बनाए रखते हैं, पर छूटे दिन की सज़ा नहीं देते; विचारों का रिकॉर्ड और सत्र की तैयारी थेरेपी के तरीक़े आपकी डायरी तक ले आते हैं। इन सबकी बुनियाद में एक फ़ैसला है: आप जो भी लिखते हैं, वह आपके डिवाइस पर रहता है, और बैकअप सिर्फ़ तभी, जब आप चाहें — आपके अपने iCloud या Google Drive में। ये रहीं सारी सुविधाएँ, ठीक उन्हीं आँकड़ों के साथ जो आज ऐप में हैं।

BrightLog का भावनाओं का पहिया — सात मूल भावनाएँ, जो 41 उप-भावनाओं और 82 सटीक शब्दों में खुलती हैं
  • एक टैप में मूड — शानदार, अच्छा, पता नहीं, बुरा या बहुत बुरा — और जब चाहें, भावनाओं का पहिया: 7 मूल भावनाएँ, 41 उप-भावनाएँ, 82 शब्द।
  • पूरे पल के लिए डायरी: टाइप कीजिए या बोलकर लिखिए, फ़ोटो, वीडियो, वॉइस नोट और दस्तावेज़ जोड़िए, हफ़्तों बाद नया नोट जोड़िए, पूरी डायरी में खोजिए, पूरा महीना कैलेंडर पर देखिए।
  • आभार पात्र, फ़ोटो और वीडियो के साथ; उसमें दस बातें जमा हो जाएँ, तो हर दिन उनमें से एक आपसे मिलने आती है।
  • लक्ष्य, साथ में “आपका हफ़्ता”, “किससे आपका मन अच्छा होता है” और “लक्ष्यों से ब्रेक लें” — कुछ भी छूटा हुआ नहीं गिना जाता — और लक्ष्य के दस विचार।
  • छोटे रिमाइंडर: बीस तरह के, दिन में एक से बारह, इंसानों के लिखे, बुरे दिन के बाद और कोमल, जिनका जवाब “हो गया”, “बाद में” या “आज नहीं”।
  • किसी भी प्रविष्टि पर विचारों का रिकॉर्ड, और सोच के 16 नुक़सानदेह तरीक़ों की आसान व्याख्या।
  • ध्यान का टाइमर: पाँच से तीस मिनट, ग्यारह धुनें या मौन, बिना इंटरनेट के भी।
  • विश्लेषण, मासिक और वार्षिक, पाँच रूपों में — कहानी, हीटमैप, रुझान, पहिया, मूड — कहानी आपके लिए तभी लिखी जाती है, जब आप कहें।
  • 60 दिन तक की, सात हिस्सों वाली थेरेपी सत्र की तैयारी, लक्ष्यों और आदतों समेत, PDF या कॉपी किए टेक्स्ट के रूप में।
  • तीन विजेट — स्ट्रीक, मूड, आज के कार्य — साथ में ऐप लॉक, 30 निजी बैज और 20 भाषाएँ, हर एक इंसानों की लिखी।
  • बैकअप iPhone और iPad पर आपके अपने iCloud में या Android पर आपके अपने Google Drive में, ताकि नए iPhone, iPad या नए Android डिवाइस पर आपकी डायरी, मूड, आभार, लक्ष्य और आदतें वापस आ जाएँ — फ़ोटो और रिकॉर्डिंग समेत।
BrightLog का मासिक विश्लेषण — आपकी अपनी प्रविष्टियों से बने कहानी, हीटमैप, रुझान, पहिया और मूड

आपकी प्रविष्टियाँ कहाँ रहती हैं

निजता का सवाल सबसे पहले पूछिए, क्योंकि उसी के जवाब से तय होता है कि आप कितना खुलकर लिखेंगे — और जिस डायरी को आप किसी अनजान पाठक के डर से काट-छाँटकर लिखें, वह डायरी कहाँ रह गई। किसी भी ऐप से पाँच बातें पूछिए: प्रविष्टियाँ कहाँ सेव होती हैं; क्या कंपनी उन्हें पढ़ सकती है; शुरू करने के लिए खाता चाहिए या नहीं; बैकअप कहाँ जाता है और उसकी चाबी किसके पास है; और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस तक क्या पहुँचता है, कब, और किसलिए। जवाब सीधे-सादे माँगिए। ये रहे BrightLog के जवाब, सबसे अहम बात से शुरू करके: आपका लिखा हम कभी नहीं देखते।

  • कहाँ सेव होती हैं: आपके डिवाइस पर। आपकी जानकारी कभी बाहर नहीं जाती, और आपका लिखा हम कभी नहीं देखते।
  • खाता: डायरी लिखने, मूड दर्ज करने, लक्ष्यों पर काम करने, ध्यान करने या निर्यात के लिए कोई खाता नहीं चाहिए; साइन इन सिर्फ़ बैकअप, विश्लेषण या थेरेपी सत्र की तैयारी के लिए है।
  • बैकअप: सिर्फ़ तभी, जब आप चाहें — iPhone और iPad पर आपका अपना iCloud या Android पर आपका अपना Google Drive — खाता आपका, स्टोरेज आपकी, और उस तक हमारी पहुँच नहीं।
  • विश्लेषण: आपके लिए तभी लिखा जाता है, जब आप माँगें।
  • छोटे रिमाइंडर: इंसानों के लिखे, मशीन से कभी नहीं बने; किसी में भी वज़न, डाइट, दवा या किसी बीमारी के निदान का ज़िक्र नहीं।
  • लॉक: ऐप लॉक आपकी डायरी को Face ID, Touch ID, फ़िंगरप्रिंट या डिवाइस के स्क्रीन लॉक से सुरक्षित रखता है।
  • सब कुछ मिटाना हो तो: “सभी BrightLog डेटा हटाएं” डिवाइस पर मौजूद सब कुछ और आपके क्लाउड में रखा हर बैकअप मिटा देता है।

कैसे चुनें

सही चुनाव का मतलब है ऐप के प्रकार को उस वजह से मिलाना, जिससे आपकी पिछली डायरी छूट गई थी। अगर लिखना मेहनत जैसा लगता था, तो झटपट मूड ट्रैकर से शुरू कीजिए और देख लीजिए कि उसमें आगे बढ़ने की गुंजाइश हो। अगर एक चेहरे में पूरा दिन कभी नहीं समाता था, तो आपको खुली जगह और लॉक वाली डायरी चाहिए। अगर समझ ही नहीं आता था कि कहाँ से शुरू करें, तो ऐसा ऐप चुनिए जिसके सवाल इंसानों ने लिखे हों। अगर एक छूटे दिन ने पूरा सिलसिला तोड़ दिया था, तो ऐसा ऐप चुनिए जो आराम को आपका फ़ैसला माने। और अगर आप थेरेपी ले रहे हैं, या इसके बारे में सोच रहे हैं, तो वह ढाँचा चुनिए जो सत्र के हर घंटे को कारगर बनाए। फिर जो भी ऐप आपकी नज़र में हो, उसे इस चेकलिस्ट पर परखिए।

  1. एक टैप में दिन दर्ज हो, और ज़्यादा कहने की जगह भी?
  2. सिर्फ़ टेक्स्ट नहीं — फ़ोटो, वीडियो और मेरी आवाज़ भी?
  3. शुरू करने के लिए खाता ज़रूरी है?
  4. डायरी मेरे डिवाइस पर रहती है, या कंपनी के सर्वर पर?
  5. बैकअप कहाँ जाता है, और क्या कंपनी उसे खोल सकती है?
  6. आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस तक क्या पहुँचता है, कब, और क्या मना करने का विकल्प है?
  7. लॉक है, और ऐसा निर्यात जिसे मैं पढ़ सकूँ?
  8. एक दिन छूटे तो क्या हर्जाना है, और क्या बीच में रुकना मुमकिन है?
  9. क्या मेरी प्रगति निजी रहती है?
  10. मेरी भाषा है, और कौन-सी सुविधाएँ सिर्फ़ पैसे देने वालों के लिए रोक रखी गई हैं?

BrightLog हर सवाल पर खरा उतरता है: एक टैप और 82 शब्द; फ़ोटो, वीडियो, वॉइस नोट और दस्तावेज़; शुरू करने के लिए कोई खाता नहीं; आपके डिवाइस पर, और हम कभी नहीं देखते; बैकअप सिर्फ़ आपके अपने iCloud या Google Drive में; ऐप लॉक, PDF या CSV; कुछ भी छूटा हुआ नहीं गिना जाता; ऐसे बैज जो कोई और नहीं देखता; बीस भाषाएँ — मुफ़्त, बिना इन-ऐप ख़रीद के, और कोई भी सुविधा रोककर नहीं रखी गई।

वह ऐप आज़माइए जो हर कसौटी पर खरा उतरता है

BrightLog मुफ़्त है और इसमें कोई इन-ऐप ख़रीद नहीं: एक टैप में मूड, 82 शब्दों वाला भावनाओं का पहिया, फ़ोटो और वॉइस नोट वाली डायरी, आभार, लक्ष्य, छोटे रिमाइंडर और सात हिस्सों वाली थेरेपी सत्र की तैयारी — 20 भाषाओं में। सब कुछ आपके डिवाइस पर, और बैकअप सिर्फ़ आपके अपने iCloud या Google Drive में।